Monday, 22 April 2013

बिग्य्पनों का सच

Posted by Tricksbee  |  at  18:29 No comments


माजा का सच :
आजकल टीवी पर रसना-वासना और झूठ से परिपूर्ण विज्ञापनों द्वारा गर्मियों में आम खाने की बजाये माज़ा , फ्रूटी और स्लाइस पीने का प्रचार किया जा रहा है l

यह जान लीजिये की यह 100% मूर्खतपूर्ण और प्रकृति के विरुद्ध कार्य है l
प्रकृति ने अलग-अलग ऋतुओं की विक्षमताओं और परेशानियों से निपटने के लिए हर ऋतु के लिए अलग-अलग फल-सब्जियां अनाज और जड़ी-बूटियाँ आदि बनायीं हैं जो हर व्यक्ति को उस ऋतु में आने वाली परेशानियों को झेलने की शक्ति देती हैं l

आम एक दिव्य फल है जो केवल गर्मियों के लिए बना है l आयुर्वेद के अनुसार ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की तीष्ण किरणों के कारण शरीर में धातुओं की कमी हो जाती है, जिसकी पूर्ती हेतु प्रकृति ने हमें आम जैसा दिव्य फल दिया है l

पका आम खाने से सातों धातुओं की पुष्टि होती है, आम पतले दुबले बच्चों , वृद्धों व कृश लोगों को पुष्ट बनाने हेतु सर्वोत्तम है l

पका आम खाने से बुद्धि और शक्ति दोनों में बढ़ोतरी होती है l

आम वीर्यवृद्धि और शुद्धि करता है जिस कारण जिन्हें संतानोपत्ति न होती हो उनके लिए अति लाभकारी है l

आम आलस्य,अल्पमूत्र्ता, क्षयरोग में विशेष लाभकारी है l

यदि इतने गुण होने के बावजूद भी आप आम की जगह हानिकारक चीनी, सिंथेटिक फ्लेवरिंग,कलर और रसायनों युक्त पेय पीते हैं केवल इसीलिए क्योंकि उसका विज्ञापन किसी फिल्मस्टार ने किया है तो आप से ज्यादा दुर्भाग्यशाली भला कौन हो सकता है ?

इसलिए गर्मियों में रज कर आम खाएं और भ्रामक विज्ञापनों के जाल से अपने प्रियजनों को सचेत करें , केवल एक सावधानी के साथ की दूध के साथ केवल मीठे आम का ही सेवन करें, खट्टे आम का मेंगोशेक कभी ना बनाएं क्योंकि उनके गुण एक दुसरे के विपरीत हो जाते हैं l
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